हिंदी सिर्फ हिंदी है बापू इसी में ही संतोष करो हम पर इतनी कृपा करो। हिंदी सिर्फ हिंदी है बापू इसी में ही संतोष करो हम पर इतनी कृपा करो।
मौन थी शब्दों की वाणी, बस आत्मा कहती रही मौन थी शब्दों की वाणी, बस आत्मा कहती रही
खुद के लिखे हुए पे जो सुकून जो खुशी मिलती है वो कॉपी कर के तुम भला कहाँ से पाओगे!! खुद के लिखे हुए पे जो सुकून जो खुशी मिलती है वो कॉपी कर के तुम भला कहाँ से पाओगे...
आत्मा निर्विकार अमर आत्मा संग दोष कैसे आया ? आत्मा निर्विकार अमर आत्मा संग दोष कैसे आया ?
शोक जगत को छोड़ उस पल, परमात्मा हो जाती है. शोक जगत को छोड़ उस पल, परमात्मा हो जाती है.
रास्ते तलाशते हुए शरीर सिर्फ और सिर्फ सुख भापते रास्ते तलाशते हुए शरीर सिर्फ और सिर्फ सुख भापते